Haryanvi Shayari Attitude अपने भीतर एक अलग ही दम, ठस्सो और देसी swagger लिए होती है। हरियाणा की कड़क बोली और सीधे-सपाट अंदाज़ इन शायरियों को और भी असरदार बना देता है।
इनमें दिखावा नहीं, बल्कि सच्चा आत्मविश्वास और खरा स्वभाव झलकता है। हर लाइन में वो तेवर होता है जो हरियाणा के छोरे-छोरियों की पहचान बन चुका है।
Haryanvi Attitude Shayari उन लोगों के लिए है जो गलत से नहीं डरते और सही बात पर हमेशा खड़े रहते हैं।
ये शायरी अपने स्टाइल, रुतबे और मजबूत इरादों को शब्दों के जरिए सामने लाती है।
इन लाइनों में देसीपन भी है, कड़कपन भी और एक royal सा swag भी। जो लोग अपनी personality को बोल्ड अंदाज़ में दिखाना चाहते हैं, उनके लिए Haryanvi Attitude Shayari सबसे perfect है।
“हमारी औकात कोई नी बतावै,
हम खुद अपनी पहचान सै।”
“तेवर भी भारी,
अर बात भी सारी—हम छोरे पूरे हरियाणवी सै।”
“हम किसी के पीछे ना लगै,
जिसके पीछे लग जां वो याद रखै।”
“चुप्पी हमारी कमजोरी ना समझ,
हम जहां बोल दें वहाँ मामला तय हो जावै।”
“हमारी सोच अलग सै,
इसलिए दुनिया भी हमें अलग ही देखै सै।”
“हमसे उलझेगा तो जीतने का सपना भी छोड़ दे,
हमारे तेवर मजाक नी।”
“इज्जत देगा तो सिर पे बिठा लेंगे,
पंगा लेगा तो हालत खस्ता कर देंगे।”
“कड़वा बोलूं सै, पर सच्चा बोलूं सै—
दुनिया इसीलिए जल-भुन जावै सै।”
“हमारा swag सस्ता नी,
हर कोणी झेल भी नी पावै।”
“नीति ते चलां सै,
पर जरूरत पड़े तो मिट्टी में भी मिला दूं।”
“दिल बड़ा सै,
पर अकड़ दिखाने वाल्यां की बैंड बड़ा दूं।”
“हम तो अलगे चाल चलां सै,
कॉपी कर के भी कोई हमारी बराबरी ना पावे।”
“हम वही करां सै,
जे दिल बोलै—बाकी दुनिया हवा भरी बात करे।”
“हमारी बोलचाल में देसीपन भी सै,
अर् दम भी।”
“टशन में रहना आदत सै,
और इज्जत कमाना फितरत।”
“हम ना डरै किसी सूं,
डर तो करै वो जिनकी औकात छोटी होवे।”
“एक बार बोल दिया—
फिर पलट के ना देखां।”
“दुश्मनी भी निभावां सै राजपूती अंदाज में,
अर् दोस्ती भी दिल खोल के।”
“हमारे तेवर देख के लोग भी कहै—
‘यो छोरो तो घणा भारी सै!’”
“स्टाइल कदे-कदे दिखावां सै,
बाकी रोज के तामझाम की जरूरत ना।”
“ऊंची बातां करने वाले बहुत मिले,
पर हमारी तरह दमदार कोई ना।”
“हम सही ते भी चलां सै,
पर अपना नुकसान कदे नी सहता।”
“हमारा बोलना भी कमाल सै,
किसे-किसे की हवा tight कर देवे।”
“हमारी पहचान ना नाम से,
बल्कि तेवर से होती सै।”
“हम छोरे हरियाणवी सै—
दिल भी कड़क अर् इरादा भी भारी।”